Thursday, July 7, 2011

रैपिडेक्स टिपण्णी कोर्स - मात्र दस मिनट में टिपण्णी करना सीखें



मैंने ब्लॉग जगत के बड़े बुजुर्गों से अपने ब्लॉग को सफलता के पायदान पर ऊपर बढाने के लिए कुछ जड़ीबूटी देने को कहा था. सौ बात की एक बात पता चली की "दूसरे के ब्लॉग पर टिपियाना मत भूलना". वैसे तो बाजार में नाना प्रकार के डिक्सनरी उपलब्ध हैं लेकिन ये डिक्सनरी मार्केट में उपलब्ध बाकी डिक्सनरी से बिलकुल अलग है. इसमें कमेन्ट को अलग अलग पार्ट में बांटा गया है. जैसे, अगर आप जल्दी में हैं, पोस्ट पढने का समय नहीं है लेकिन आप फिर भी टिपियाना चाहते हैं तो लास्ट के दो चार कमेन्ट को पढ़ कर एक "आईडिया" ले लें, और नीचे लिखे शब्द कोष में से कोई सा भी कॉपी पेस्ट कर सकते हैं.

पोस्ट अगर इमोशनल लगे तो इनका प्रयोग करें -
उनकी ही कविता में से दो पंक्तियाँ उठाकर - "मर्म स्पर्शी", उनके पोस्ट में से एक लाइन लेकर - "बेहतरीन", मन को छू गयी...क्या कहें, संवेदनशील कहानी, मार्मिक प्रस्तुति, स्तब्ध, आभार, साभार, संवेदनशील कहानी, दिल को छू गयी रचना, ओह...आँखें नम हो गयी इत्यादी इत्यादी. इन सबके साथ आप अपने मार्केटिंग कैमपेन को जारी रखें - आप बहुत अच्चा लिखती हैं, कृपया हमारे ब्लॉग पर भी पधारें", हमारे ब्लॉग भीगिपलकें.कौम पर आपका स्वागत है, कृपया आप भी मेरे ब्लॉग के सदस्य बने, मैं आपका बन चुका, आदि का प्रयोग स्वीकार्य है!

क्या आपके पास लास्ट के तीन चार कमेन्ट पढ़कर 'आईडिया' लेने का समय नहीं है? कोई बात नहीं, उसका भी इलाज हमारे विश्वस्तरीय लैब में निकाला जा चूका है.
वाह, खतरनाक, बेजोड़, धासू, बहुत सही है, कमाल का लिखती/लिखते हैं आप, कृपया हमारे ब्लॉग पर भी पधारें, बहुत अच्छा, बहुत अच्छी प्रस्तुति, धन्यवाद, अति सुन्दर लेख, बेहतरीन, साधुवाद, जय हिंद इत्यादी इत्यादी.

संस्मरण/पर्सनल पोस्ट -
बहुत सुन्दर, सुन्दर संस्मरण, अद्भुत, रोचक, रोचक वर्णन, रोचक घटना, वाह मजा आ गया, मस्त पोस्ट, भावपूर्ण, सारगर्भित, बढ़िया दृश्यंकन, अद्भुत दृष्टिकोण, आपका जवाब नहीं, धन्य हुए पढ़कर, साधुवाद, धन्यवाद, शुभकामनाएँ, इसे और आगे बढ़ाइए।, अच्छी जानकारी, दिलचस्प, सार्थक लेखन के लिए बधाई


अगर आप थोडा हटके और पर्सनल कमेन्ट करना चाहते हैं तो निम्नलिखित का प्रयोग करें -
"हिंदी की यूँही सेवा करते रहें", कुछ दिनों से व्यस्तता होने के कारण ब्लॉग पर नहीं आ सका माफ़ी चाहता हूँ (जैसे ही हम पलक बिछा कर बईठे ही हुए थे), आपकी लेखनी में निखार आता जा रहा है, लिखते रहें, अगली कड़ी का बेसब्री से इंतजार, आप बहुत देर से पोस्ट लिखते हैं।, आपकी इस पोस्ट पर कहने को शब्द नहीं मिल रहे, आपके ब्लॉग पर आना हमेशा ही सुखद होता है, आपके हर पोस्ट में कुछ नया जरूर होता है, आपकी लेखन शैली अद्भुत है, बहुत दिनों के बाद आज इधर आना हुआ, अच्छा लगा।, आशा है कि अपने सार्थक लेखन से,आप इसी तरह, ब्लाग जगत को समृद्ध करेंगे।

यह पोस्ट किसी के ऊपर निजी तौर पर नहीं लिखा गया है इसलिए खिसियाईये मत, हम तो कहते हैं की दू चार ठो यहाँ बता कर ही जाईये.

जा झाड के!