Thursday, July 7, 2011

रैपिडेक्स टिपण्णी कोर्स - मात्र दस मिनट में टिपण्णी करना सीखें



मैंने ब्लॉग जगत के बड़े बुजुर्गों से अपने ब्लॉग को सफलता के पायदान पर ऊपर बढाने के लिए कुछ जड़ीबूटी देने को कहा था. सौ बात की एक बात पता चली की "दूसरे के ब्लॉग पर टिपियाना मत भूलना". वैसे तो बाजार में नाना प्रकार के डिक्सनरी उपलब्ध हैं लेकिन ये डिक्सनरी मार्केट में उपलब्ध बाकी डिक्सनरी से बिलकुल अलग है. इसमें कमेन्ट को अलग अलग पार्ट में बांटा गया है. जैसे, अगर आप जल्दी में हैं, पोस्ट पढने का समय नहीं है लेकिन आप फिर भी टिपियाना चाहते हैं तो लास्ट के दो चार कमेन्ट को पढ़ कर एक "आईडिया" ले लें, और नीचे लिखे शब्द कोष में से कोई सा भी कॉपी पेस्ट कर सकते हैं.

पोस्ट अगर इमोशनल लगे तो इनका प्रयोग करें -
उनकी ही कविता में से दो पंक्तियाँ उठाकर - "मर्म स्पर्शी", उनके पोस्ट में से एक लाइन लेकर - "बेहतरीन", मन को छू गयी...क्या कहें, संवेदनशील कहानी, मार्मिक प्रस्तुति, स्तब्ध, आभार, साभार, संवेदनशील कहानी, दिल को छू गयी रचना, ओह...आँखें नम हो गयी इत्यादी इत्यादी. इन सबके साथ आप अपने मार्केटिंग कैमपेन को जारी रखें - आप बहुत अच्चा लिखती हैं, कृपया हमारे ब्लॉग पर भी पधारें", हमारे ब्लॉग भीगिपलकें.कौम पर आपका स्वागत है, कृपया आप भी मेरे ब्लॉग के सदस्य बने, मैं आपका बन चुका, आदि का प्रयोग स्वीकार्य है!

क्या आपके पास लास्ट के तीन चार कमेन्ट पढ़कर 'आईडिया' लेने का समय नहीं है? कोई बात नहीं, उसका भी इलाज हमारे विश्वस्तरीय लैब में निकाला जा चूका है.
वाह, खतरनाक, बेजोड़, धासू, बहुत सही है, कमाल का लिखती/लिखते हैं आप, कृपया हमारे ब्लॉग पर भी पधारें, बहुत अच्छा, बहुत अच्छी प्रस्तुति, धन्यवाद, अति सुन्दर लेख, बेहतरीन, साधुवाद, जय हिंद इत्यादी इत्यादी.

संस्मरण/पर्सनल पोस्ट -
बहुत सुन्दर, सुन्दर संस्मरण, अद्भुत, रोचक, रोचक वर्णन, रोचक घटना, वाह मजा आ गया, मस्त पोस्ट, भावपूर्ण, सारगर्भित, बढ़िया दृश्यंकन, अद्भुत दृष्टिकोण, आपका जवाब नहीं, धन्य हुए पढ़कर, साधुवाद, धन्यवाद, शुभकामनाएँ, इसे और आगे बढ़ाइए।, अच्छी जानकारी, दिलचस्प, सार्थक लेखन के लिए बधाई


अगर आप थोडा हटके और पर्सनल कमेन्ट करना चाहते हैं तो निम्नलिखित का प्रयोग करें -
"हिंदी की यूँही सेवा करते रहें", कुछ दिनों से व्यस्तता होने के कारण ब्लॉग पर नहीं आ सका माफ़ी चाहता हूँ (जैसे ही हम पलक बिछा कर बईठे ही हुए थे), आपकी लेखनी में निखार आता जा रहा है, लिखते रहें, अगली कड़ी का बेसब्री से इंतजार, आप बहुत देर से पोस्ट लिखते हैं।, आपकी इस पोस्ट पर कहने को शब्द नहीं मिल रहे, आपके ब्लॉग पर आना हमेशा ही सुखद होता है, आपके हर पोस्ट में कुछ नया जरूर होता है, आपकी लेखन शैली अद्भुत है, बहुत दिनों के बाद आज इधर आना हुआ, अच्छा लगा।, आशा है कि अपने सार्थक लेखन से,आप इसी तरह, ब्लाग जगत को समृद्ध करेंगे।

यह पोस्ट किसी के ऊपर निजी तौर पर नहीं लिखा गया है इसलिए खिसियाईये मत, हम तो कहते हैं की दू चार ठो यहाँ बता कर ही जाईये.

जा झाड के!

63 comments:

  1. स्तुति जी, आपकी लेखन शैली अद्भुत है..कृपया लगातार लिखती रहें...आप बहुत देरी से पोस्ट लिखती हैं...आशा है आप अपने सार्थक लेख से ब्लॉग जगत को समृद्ध करेंगी...
    हिंदी की युहीं सेवा करते रहिये..
    आभार..

    कृपया मेरे ब्लॉग पे आकार अपनी प्रतिक्रिया दें..
    आपका इंतज़ार रहेगा...

    ReplyDelete
  2. "आप बहुत अच्चा लिखती हैं, कृपया हमारे ब्लॉग पर भी पधारें",वाह, खतरनाक, बेजोड़, धासू, बहुत सही है, कमाल का लिखती/लिखते हैं आप, कृपया हमारे ब्लॉग पर भी पधारें, बहुत अच्छा, बहुत अच्छी प्रस्तुति, धन्यवाद, अति सुन्दर लेख, बेहतरीन, साधुवाद,बहुत सुन्दर, सुन्दर संस्मरण, अद्भुत, रोचक, रोचक वर्णन, रोचक घटना, वाह मजा आ गया, मस्त पोस्ट, भावपूर्ण, सारगर्भित, बढ़िया दृश्यंकन, अद्भुत दृष्टिकोण, आपका जवाब नहीं, धन्य हुए पढ़कर, साधुवाद, धन्यवाद, शुभकामनाएँ, इसे और आगे बढ़ाइए।, अच्छी जानकारी, दिलचस्प, सार्थक लेखन के लिए बधाई, "हिंदी की यूँही सेवा करते रहें", कुछ दिनों से व्यस्तता होने के कारण ब्लॉग पर नहीं आ सका माफ़ी चाहता हूँ , आपकी लेखनी में निखार आता जा रहा है, लिखते रहें, अगली कड़ी का बेसब्री से इंतजार, आप बहुत देर से पोस्ट लिखते हैं।, आपकी इस पोस्ट पर कहने को शब्द नहीं मिल रहे, आपके ब्लॉग पर आना हमेशा ही सुखद होता है, आपके हर पोस्ट में कुछ नया जरूर होता है, आपकी लेखन शैली अद्भुत है, बहुत दिनों के बाद आज इधर आना हुआ, अच्छा लगा।, आशा है कि अपने सार्थक लेखन से,आप इसी तरह, ब्लाग जगत को समृद्ध करेंगे।


    और क्या कहें ... सब कुछ तो बोल दिए ...

    ReplyDelete
  3. `` बहुत अच्छी प्रस्तुति'' ब्लॉगजगत को दिया हुआ यह मेरा मंत्र है। इसको लेकर सबसे ज़्यादा टिप्पणी मैंने की है।
    देखिए इसकी ख़ूबी ... कि इसमें रचना की बात नहीं की गई है। सिर्फ़ प्रस्तुति की बात है। बाक़ी लेखक जो समझे। तो आज की आपकी इस पोस्ट के लिए भी ... मेरी टिप्पणी है ...
    बहुत अच्छी प्रस्तुति!

    ReplyDelete
  4. ये पूरी पोस्ट यहाँ कॉपी पेस्ट समझें.
    और उसके बाद -
    अरे आप तो सब कुछ समझ गईं.बहुत आगे जाएँगी आप :):)

    ReplyDelete
  5. अब कल से ई डिक्सनरी का रेफरेंस लेकर सब ब्लॉग में टिप्पणी कर आयेंगे...:) :)
    अच्छा है तुम फ्री में ये क्रैश कोर्स करवा दी हम सबको...नहीं तो क्या पता कल को कोई इन्स्टिटूट खुल जाए और पैसे दे कर ये सब अद्दुत कला सीखने को मिले...:P

    ReplyDelete
  6. हा हा...हमको पता था की अईसा ही कमेन्ट मिलेगा :D

    ReplyDelete
  7. और अगर आपके पास उतना भी समय नहीं है तो एक इश्मायीली मारें... :)
    या फिर ऊपर के किसी भी टिप्पणीकार के नाम को पकडें और लिखें...जैसे...
    शिवम् भैया की टिपण्णी को मेरी टिपण्णी समझा जाए...

    ReplyDelete
  8. इत्ता सारा तो लिख दिया लेकिन उन खर कतवार वाली टिप्पणी के बारे में नहीं लिखीं जो अक्सर चालू किस्म का टिप्पणीकर्ता अपने किसी नई पोस्ट लिखने के बाद हर जगह जाकर दो अच्छर का कमेंट करने के बाद आठ अच्छर के लिंक के जरिये चिपकाता जाता है।

    ऐसे लोगों के बारे में कभी मैंने लिखा था -

    तुम जो इतना टिप्पणिया रहे हो ......क्या कोई पोस्ट लिखा, जिसे बता रहे हो :)

    बाकी तो पोस्ट राप्चिक है :)

    ReplyDelete
  9. @सतीश भईया - कौन सी कमेन्ट? कुछ नमूना पेश कीजिये :)

    ReplyDelete
  10. आपका दिमाग म्यूजियम में मोम से बनवा कर रखा जायेगा..


    कृपया मेरे ब्लॉग पर पधारें: लरजते ओंठ....ठुमकती आँखें....

    मौलिक कविताओं के रसास्वादन के लिए एकमात्र मान्यता प्राप्त ठिया!!!

    ReplyDelete
    Replies
    1. सर आप ब्लॉगजगत मे छाए हुए है ।।
      मैं भी अपने ब्लॉग पर followero की संख्या बढ़ाना चाहता हु । plz कोई सुझाव दे plz सर ।। मेरा ब्लॉग justiceleague-justice.blogspot.com

      Delete
  11. हा हा...ठुमकती आँखें....

    ReplyDelete
  12. वाह वाह एक से बढ़कर एक.. इंतजार है अब रेपिडेक्स ब्लॉग पोस्ट राईटिंग किताब का :)

    ReplyDelete
  13. "कई दिनों से आपका ब्लॉग देख रही हूँ..पसन्द आया"...(काहे से कि)-मेरे ब्लॉग पर एक पोस्ट आपका इंतजार कर रही है...

    ReplyDelete
  14. आपके द्वारा हिन्दी की सेवा यूँ ही होती रहे।

    ReplyDelete
  15. .एकदम्मै बर्गर पोस्ट.. तीखा चरपरा और चटाकेदार ।
    वैसे यह कौन सा सँस्करण है ?

    ReplyDelete
  16. clap clap clap

    taaliyaan taaliyaan taaliyaan

    hindi blogging mae aap kaa swagat haen aap hindi ki sewa asae hi kartii rahae . !!!!!!!!!!!!!
    iskae baad teen link bhi hogae click nahin kariyaegaa to aap ka swaagat vapas ho jayegaa

    ReplyDelete
  17. शेखर की टिप्पणी को मेरी टिप्पणी समझा जाए.

    ReplyDelete
  18. स्तुति, अब ये भी रिपिटेतिव हो गया है !

    ReplyDelete
  19. डिक्शनरी तो पूरे 300 पेज की लग रही है. बाकी का मसाला कब छाप रही हैं?
    वैसे, ये डिक्शनरी आप पूरा बाँच चुकी हों तो चूंकि अब ये आपके लिए रद्दी हो गया है, अतः इसे आप कबाड़ वाले को बेचने के बजाए आधी कीमत में हमें दे दें. कुछ लाभ हम भी हासिल कर लेंगे. :)

    ReplyDelete
  20. अब खाली एक लिंक लगा दो जहाँ से ये डिक्शनरी खरीदी जा सके. हिंदी के प्रचार प्रसार में आपका सहयोग प्रशंशनीय है. आशा है आप ऐसे ही हिंदी की सेवा करती रहेंगी.

    हमारा भी साधुवाद.
    फुर्सत है तो स्माइली भी ठोक देते हैं :) :)

    ReplyDelete
  21. हाय दादा ......

    कैसा लपेटा रे.....

    लाजवाब...एकदम झक्कास...चकाचक

    (इतने इतने दिन गायब न रहा करो भाई...अनहरिया इजोरिया एक एक दफे तो दिख जाया करो...)

    ReplyDelete
  22. पहले तो किताब का कवर देखकर ही होठों पर बरबस ही डेढ़ इंच मुस्कान खिंच गयी ...
    बाकी तो कुछ मत पूछिए ..धाँसू वान्सू सब फेल है ..
    ऐसा अनुरोध कभी किसी से नहीं किया (गारंटी ) मगर अब आपसे बगैर किये रहा भी नहीं जा रहा ..
    मेरे ब्लॉग पर भी अवश्य आयें .....हम तो कई बार यहाँ आ भी चुके ..तनिक पलट कर देख तो लें!
    अब भी नहीं आयीं तो हम भी यहाँ अब नहीं आने वाले जाईये कहे देते हैं हाँ :)
    किताब का मूल्य और प्राप्ति स्थल के बारे में भी कृपया बताएं !

    ReplyDelete
  23. वाह वाह!
    अभी थोड़ा जल्दी में थी. सोचा टिप्पणी सम्राट की टिप्पणी कॉपी पेस्ट कर ली जाए. कर भी ली थी की सौभाग्य से पढ़ ली. उफ़ ऐसे खतरनाक ब्लॉग नाम लिखे हैं उड़न जी ने!
    आपके ब्लॉग मेज़ से टिप्पणी मसाला सम्भाल कर रख लिया है.कल से उपयोग करूंगी.
    घुघूती बासूती

    ReplyDelete
  24. यह पुस्तक कहाँ से, और कितने में प्राप्त की जा सकती है? :)

    ReplyDelete
  25. हा हा हा हा ब्लॉगिंग के इतिहास की ई एक कालजयी रचना है ..ब्लॉगिंग पुराण के टिप्पणी युग के लिए ..ई भानुमति पिटारा अध्याय के नाम से इसे जाना जाएगा । एक अमरीका में बसी इंडियन बालिका ..एतना कमाल का ऊ होता है न हूमर फ़ीलींग है ..हा हा हा कै ठो का तो करेजा जर के राख हो गया होगा , लेकिन तुम खैंच खैंच के चौका छक्का जमाती रहो ...

    ReplyDelete
  26. .
    .
    .
    वाह वाह!
    एकदम खतरनाक, बेजोड़, धांसू, साथ ही बहुत सही और कमाल का लिखती हैं आप... कृपया हमारे ब्लॉग पर भी पधारें... बहुत अच्छा लेखन, उस से भी अच्छी प्रस्तुति... धन्यवाद, अति सुन्दर फौंट चयन... बेहतरीन सजावट भी... साधुवाद, जय टिप्पणीइसहाथलेउसहाथदेवाद... आपकी जवाबी टीप हेतु अग्रिम धन्यवाद... जय हिंद !


    ...

    ReplyDelete
  27. तरह तरह की टिप्पणियाँ और उनका महत्त्व बताती बेजोड़ पोस्ट बधाई
    आशा

    ReplyDelete
  28. सुन्दर पोस्ट. बधाई!
    मैं ब्लॉग जगत में नया हूँ. कृपया मेरे ब्लॉग पर पधार कर मेरा मार्गदर्शन करें.
    धन्यवाद!

    ReplyDelete
  29. स्तुति जी, आपकी लेखन शैली अद्भुत है..कृपया लगातार लिखती रहें...आप बहुत देरी से पोस्ट लिखती हैं...आशा है आप अपने सार्थक लेख से ब्लॉग जगत को समृद्ध करेंगी...
    हिंदी की युहीं सेवा करते रहिये..

    लीजिए हमने भी टीप दिया :-)

    ReplyDelete
  30. पहले पता होता तो.. खैर अब पता चल गया है. :)
    बहुत खूब!! :P :P

    इसे भी डिक्शनरी में एड किया जा सकता है.

    ReplyDelete
  31. अगर आपकी टिप्पणी मेरे ब्लॉग तक नहीं पहुँची तो समझो आपकी किताब और कोर्स बेकार ही गये। वैसे टिप्पणियों पर यह पोस्ट भी देखी जा सकती है: कहें खेत की सुनैं खलिहान की

    ReplyDelete
  32. @ रैपिडेक्स "टीप्पणी" कोर्स ...

    टिप्पणी पे इतना जोर :)

    @ मात्र दस मिनट में "टिपण्णी" करना सीखें...

    बेचारी टिप्पणी :)

    ReplyDelete
  33. ई लऽऽ हो, बबुनी,
    एगो कापी पेस्ट रेडीमेड टिप्पणी


    क्षमा करें, आपकी इस पोस्ट पर देर से आ पाया,
    मेरी मौसी की छोटी बहन का विवाह था, पूरी रिपोर्ट मेरे ब्लॉग http://bhopu_pandit.blogspot.com पर पढ़ें और नवदम्पत्ति को अपने आशीर्वचनों से कृतार्थ करें !

    ReplyDelete
  34. पहले आपने और फिर शिवम जी ने ... सच में इतने सारे नए शब्द दे दिए की क्या कहूँ ... बार बार आना पढ़ेगा तिपन्नियाँ करते समय ...

    ReplyDelete
  35. एक ठो स्क्रिप्ट लिख देते हैं, इस डिक्शनरी से रैंडमली सेलेक्ट करके टीपने के लिए . :)

    ReplyDelete
  36. sachhi-muchhi-achhi post.........

    ismailiye.....

    sadar.

    ReplyDelete
  37. हाहा.. सही है स्तुति जी.. यह formula तो काम का है.. अमल में लाएंगे..

    परवरिश पर आपके विचारों का इंतज़ार है... (कृपया टिपिआइयेगा नहीं.. लघु कथा है.. २ मिनट में पढ़ सकती हैं :) )
    आभार

    ReplyDelete
  38. टिप्‍पणी पर पोस्‍ट और फिर पोस्‍ट पर टिप्‍पणी, वाह क्‍या बात है कैसी रही, खूब रही खूब.

    ReplyDelete
  39. वाह, खतरनाक, बेजोड़, धासू, बहुत सही है, कमाल का लिखती/लिखते हैं आप, कृपया हमारे ब्लॉग पर भी पधारें, बहुत अच्छा, बहुत अच्छी प्रस्तुति, धन्यवाद, अति सुन्दर लेख, बेहतरीन, साधुवाद, जय हिंद इत्यादी इत्यादी.

    ReplyDelete
  40. आपके इस कोर्स से मुझे बहुत फायदा हुआ है .सचमुच दस मिनिट में टिप्पणी करना सीख लिया :)

    ReplyDelete
  41. धो डाला कौन सा साबुन है ? :)

    ReplyDelete
  42. और क्या कहें ... सब बोल दिए हैं.

    ReplyDelete
  43. आजकल पोस्टों को बिना पढ़े जैसी टिपाई हो रही है उसके लिए कउनो डिक्शनरी वगैरह के ज़रुरत नय है! भाई लोग 'तू मेरे पर,मैं तेरे पर' स्टाइल में धडाधड टीप रहे हैं.जहाँ सार्थक पोस्टें एकठो गंभीर टिप्पणी को तरसती हैं वहीँ बेकार वाली सैकड़ा ठोंक रही हैं. बस,'सुन्दर अभिव्यक्ति','प्रभावपूर्ण लेखन','बढ़िया पोस्ट' आदि को कॉपी-पेस्ट करते रहिये !पोस्ट-लेखक भी गदगद कि उसके पास इतनी टिप्पणियाँ आ गईं मगर अफ़सोस उसे शायद ही कोई पाठक मिला हो !

    ReplyDelete
  44. अरे वाह क्या धांसू टाइप की पोस्ट है ...कृपया ऐसे ही जल्दी जल्दी लिखते रहिये......
    ऊपर के जितने भी कमेंट्स हैं सबने मेरी ही बात कही है तो मेरा कुछ ज्यादे कहने का मूड नहीं बन पा रहा...आखिर इनसे अलग क्या कहूँगा,....
    बस आप ऐसे ही हिंदी की सेवा करते रहें......
    हाँ मेरा ब्लॉग तो कोई है नहीं ///लेकिन
    ख़ैर कभी कोई ब्लॉग बना तो उसपर आपके कमेंट्स का इन्तेजार रहेगा,....

    ReplyDelete
  45. आशा है कि अपने सार्थक लेखन से,आप इसी तरह, ब्लाग जगत को समृद्ध करेंगे।

    ReplyDelete
  46. बहुत अच्छा लिखा है जी, एकदम सत्य,
    विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

    ReplyDelete
  47. एक दम गज़ब की पोस्ट ....कभी हमारी गली भी आइये
    http://aarambhan.blogspot.com

    ReplyDelete
  48. मजेदार भाई... सत्य वचन, मै तो ज्यादातर यही करता हुं,

    ReplyDelete
  49. marmsparshi...dil ko chhoo liya...hindi ki yun hi seva karti rahiye...aabhaar !!!

    vaise sahi kahoon to jo baat aapko niraash kar rahi hai wo ek "self selection mechanism" hai, log chaahe bhaagte daudte posts thik se na padhte ho, par scope badh raha hai aur jo posts achhe honge wo gambheerta se padh hi liye jaayenge...baaki jab tak saath baithke koi charcha nahi ki to tippani koi bahut zyaada fark nahi paida karti aisa mera sochna hai !

    humaara bhi hausla badhaaye:
    http://teri-galatfahmi.blogspot.com/2011/08/blog-post.html

    http://teri-galatfahmi.blogspot.com/2011/08/blog-post_04.html

    ReplyDelete
  50. badhiya post hai, ham to sirf aapke hi blogs padhte hain. :)

    Waise aap software engineer hain, ek script likh dijiye. baaas....

    ReplyDelete
  51. मैंने ब्लॉग जगत के बड़े बुजुर्गों से अपने ब्लॉग को सफलता के पायदान पर ऊपर बढाने के लिए कुछ जड़ीबूटी देने को कहा था. सौ बात की एक बात पता चली की "दूसरे के ब्लॉग पर टिपियाना मत भूलना". वैसे तो बाजार में नाना प्रकार के डिक्सनरी उपलब्ध हैं लेकिन ये डिक्सनरी मार्केट में उपलब्ध बाकी डिक्सनरी से बिलकुल अलग है. इसमें कमेन्ट को अलग अलग पार्ट में बांटा गया है. जैसे, अगर आप जल्दी में हैं, पोस्ट पढने का समय नहीं है लेकिन आप फिर भी टिपियाना चाहते हैं तो लास्ट के दो चार कमेन्ट को पढ़ कर एक "आईडिया" ले लें, और नीचे लिखे शब्द कोष में से कोई सा भी कॉपी पेस्ट कर सकते हैं.

    पोस्ट अगर इमोशनल लगे तो इनका प्रयोग करें -
    उनकी ही कविता में से दो पंक्तियाँ उठाकर - "मर्म स्पर्शी", उनके पोस्ट में से एक लाइन लेकर - "बेहतरीन", मन को छू गयी...क्या कहें, संवेदनशील कहानी, मार्मिक प्रस्तुति, स्तब्ध, आभार, साभार, संवेदनशील कहानी, दिल को छू गयी रचना, ओह...आँखें नम हो गयी इत्यादी इत्यादी. इन सबके साथ आप अपने मार्केटिंग कैमपेन को जारी रखें - आप बहुत अच्चा लिखती हैं, कृपया हमारे ब्लॉग पर भी पधारें", हमारे ब्लॉग भीगिपलकें.कौम पर आपका स्वागत है, कृपया आप भी मेरे ब्लॉग के सदस्य बने, मैं आपका बन चुका, आदि का प्रयोग स्वीकार्य है!

    क्या आपके पास लास्ट के तीन चार कमेन्ट पढ़कर 'आईडिया' लेने का समय नहीं है? कोई बात नहीं, उसका भी इलाज हमारे विश्वस्तरीय लैब में निकाला जा चूका है.
    वाह, खतरनाक, बेजोड़, धासू, बहुत सही है, कमाल का लिखती/लिखते हैं आप, कृपया हमारे ब्लॉग पर भी पधारें, बहुत अच्छा, बहुत अच्छी प्रस्तुति, धन्यवाद, अति सुन्दर लेख, बेहतरीन, साधुवाद, जय हिंद इत्यादी इत्यादी.

    संस्मरण/पर्सनल पोस्ट -
    बहुत सुन्दर, सुन्दर संस्मरण, अद्भुत, रोचक, रोचक वर्णन, रोचक घटना, वाह मजा आ गया, मस्त पोस्ट, भावपूर्ण, सारगर्भित, बढ़िया दृश्यंकन, अद्भुत दृष्टिकोण, आपका जवाब नहीं, धन्य हुए पढ़कर, साधुवाद, धन्यवाद, शुभकामनाएँ, इसे और आगे बढ़ाइए।, अच्छी जानकारी, दिलचस्प, सार्थक लेखन के लिए बधाई


    अगर आप थोडा हटके और पर्सनल कमेन्ट करना चाहते हैं तो निम्नलिखित का प्रयोग करें -
    "हिंदी की यूँही सेवा करते रहें", कुछ दिनों से व्यस्तता होने के कारण ब्लॉग पर नहीं आ सका माफ़ी चाहता हूँ (जैसे ही हम पलक बिछा कर बईठे ही हुए थे), आपकी लेखनी में निखार आता जा रहा है, लिखते रहें, अगली कड़ी का बेसब्री से इंतजार, आप बहुत देर से पोस्ट लिखते हैं।, आपकी इस पोस्ट पर कहने को शब्द नहीं मिल रहे, आपके ब्लॉग पर आना हमेशा ही सुखद होता है, आपके हर पोस्ट में कुछ नया जरूर होता है, आपकी लेखन शैली अद्भुत है, बहुत दिनों के बाद आज इधर आना हुआ, अच्छा लगा।, आशा है कि अपने सार्थक लेखन से,आप इसी तरह, ब्लाग जगत को समृद्ध करेंगे।

    यह पोस्ट किसी के ऊपर निजी तौर पर नहीं लिखा गया है इसलिए खिसियाईये मत, हम तो कहते हैं की दू चार ठो यहाँ बता कर ही जाईये.

    जा झाड के!

    ReplyDelete
  52. कैसी लगी आपको मेरी उपरोक्त टिप्पणी ? हा हा।

    ReplyDelete
  53. Hehehe.. aapke blog pe aak ati prasannata huyi.. aate hi maano aukaat dikha di gayi ho ...
    itta sun k kya hi tareef karein.. bt h to vaakayi me mast :D

    ReplyDelete
  54. AWWWWWSOMMMMMMEEEEEEEE...अब गुरु-दक्षिणा न मांग ली जाए...:) :P

    ReplyDelete
  55. कमाल करती हैं पाडेजी

    ReplyDelete
  56. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete